लोकरंग

दुनिया में कई देशों में मनाए जाते हैं दीपावली जैसे त्योहार

भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में दीपावली का उत्‍सव मनाया जा रहा है। घरों बाजारों व भवनों को सजाया गया है। दीपमालिका के साथ ही मिठाई और उपहारों का आदान-प्रदान भी जोरों पर है। लेेकिन क्‍या आप जानते हैं कि दुनिया में एक दर्जन से अधिक त्‍योहार ऐसे हैं, जो हमारी दीवाली से मिलते-जुलते हैं। हम आपको इनमेंसे कुछ के बारे में बताते हैं-

लालटेन उत्‍सव या शांगयुआन उत्‍सव

यह उत्‍सव चीन व कुछ अन्‍य देशों में मनाया जाता है, लेकिन मुख्‍य रूप से यह चीन का ही उत्‍सव है। इसे चीनी कलेंडर के मुताबिक पहले महीने की 15 तारीख को मनाया जाता है। हम दीपावली अमावस्‍या के दिन मनाते हैं, लेकिन लालटेन उत्‍सव पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह उत्‍सव सामान्‍यतया फरवरी और मार्च में आता है। चीनी नववर्ष की शुरुआत के 15 दिन बाद यह उत्‍सव होता है। लोग बड़ी-बड़ी व सुंदर लालटेन यानी कंदीलें सजाते हैं। जिन पर अनेक संदेश लिखे होते हैं। यह उत्‍सव दो हजार से अधिक साल पहले पश्‍चिमी हन साम्राज्‍य के दौरान शुरू हुआ था।

लॉय कारथोंग

यह उत्‍सव थाईलैंड और उसके आसपास के क्षेत्र में मनाया जाता है। असल में यह उत्‍सव दीपदान जैसा उत्‍सव है। यह उत्‍सव थाई कलेंडर के आखिरी महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह सामान्‍यतया नवंबर महीने में होता है। इस उत्‍सव के दौरान लोग ब्रेड या केले के तने व पत्‍तियों से बने दोने जैसे पात्र में अगरबत्‍ती व एक मोमबत्‍ती जलाकर उसे पानी में बहा देते हैं। इस उत्‍सव को वर्मा, श्रीलंका व कई अन्‍य देशों में भी मनाया जाता है। इस उत्‍सव का मूल भारत ही लिया गया है।

हनुक्‍का

यह यहूदियों का एक त्‍योहार है। जिसे दूसरी सदी में यरुशलम व दूसरा मंदिर यानी हेरोड्स का मंदिर पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने की खुशी में मनाया जाता है। यह भी एक तरह का प्रकाश उत्‍सव है, जो आठ दिनों तक मनाया जाता है। यहूदी इसमें एक ऐसा मोमबत्‍ती स्‍टैंड लेते हैं, जिसमें आठ मोमबत्‍तियां लगाई जा सकती हैं। इन मोमबत्‍तियों को आठ दिनों तक बढ़ते या घटते क्रम में लगाया जाता है। यहूदियों के वर्गों में इन मोमबत्‍तियों को लगाने के क्रम को लेकर मतभेद हैं। एक वर्ग कहता है कि पहले दिन आठ मोमबत्‍तियां जलानी चाहिए हैं और उन्‍हें एक-एक कर घटाते हुए आखिरी दिन एक मोमबत्‍ती जलानी चाहिए। जबकि, दूसरा वर्ग कहता है कि एक मोमबत्‍ती जलाने से शुरू करके आठ पर पहुंचना चाहिए।

फ्रांस का प्रकाशपर्व

यह पर्व दीपावली से एकदम मिलता है। सत्रहवीं सदी में फ्रांस के ल्‍योन में प्‍लेग फैल गया था। 8 सितंबर 1648 को वहां के पार्षदों ने मदर मैरी से प्रार्थना की कि उनके शहर को इस बीमारी से निजात दिलाएं। उसके बाद 8 दिसंबर को शहर में चर्च तक मोमबत्‍ती लेकर जुलूस निकाला गया और मदर मैरी के प्रति आभार व्‍यक्‍त किया गया। उसके बाद से ही हर साल 8 दिसंबर को यह त्‍योहार मनाया जाता है। लोग अपने घरों की खिड़कियों पर मोबत्‍तियां लगाते हैं। यह त्‍योहार चार दिनों तक मनाया जाता है।

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