
हादसे के एक महीने बाद एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जारी की है. AI171 अहमदाबाद से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. 15 पन्नों की यह रिपोर्ट में विमान के अंतिम क्षणों की विस्तृत जानकारी है़ इसमें पुष्टि की गई है कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया था और पायलटों में से किसी ने भी इन्हें बंद करने की बात स्वीकार नहीं की़ हालांकि फ्लाइट डेटा, कॉकपिट रिकॉर्डिंग और इंजन विश्लेषण अभी चल रहा है, लेकिन जांचकर्ता अब तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि उड़ान के दौरान दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच CUTOFF स्थिति में कैसे और क्यों चले गए, वो भी एक के बाद एक और बिना किसी ज्ञात आदेश के़ 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा यह बोइंग 787-8 विमान टेकऑफ के एक मिनट के भीतर हवाई अड्डे की सीमा से ठीक बाहर दुर्घटनाग्रस्त हो गया़ विमान में सवार 241 लोग जिसमें 10 क्रू सदस्य शामिल थे मारे गए. जमीन पर कम से कम 30 लोगों की भी मौत हुई़
AAIB रिपोर्ट किन सवालों का अब तक जवाब नहीं दे पाई है:
दोनों इंजनों के बंद होने वजह क्या थी❓
यह सबसे बड़ा और गंभीर सवाल है. इंजन 1 और इंजन 2 दोनों 08:08:42 UTC (भारतीय समय अनुसार 1:38 PM) पर बंद हो गए. पायलटों ने इन इंजनों को बंद करने से इनकार किया है और अब तक बर्ड स्ट्राइक, तोड़फोड़ या ईंधन में मिलावट जैसे किसी कारण का कोई प्रमाण नहीं मिला है. ईएएफआर (इंजिन एंड एयरफ्रेम रिकॉर्डर) से पुष्टि हुई है कि स्विच RUN से CUTOFF पर चले गए थे, लेकिन रिपोर्ट यह नहीं बताती कि यह यांत्रिक खराबी थी, इलेक्ट्रिकल समस्या थी या सॉफ़्टवेयर में कोई गड़बड़ी थी. सीधे शब्दों में कहें, तो प्रारंभिक रिपोर्ट यह नहीं बता पाई है कि ये स्विच खुद से कैसे कटऑफ की स्थिति में आ गए.
क्या स्टेबलाइज़र सेंसर की समस्या का इंजन फेलियर से कोई संबंध है❓
यह विमान इससे पहले दिल्ली से फ्लाइट AI423 के रूप में आया था और उस समय की क्रू टीम ने “STAB POS XDCR” नामक स्टेबलाइजर पोजिशन सेंसर में एक फॉल्ट कोड रिपोर्ट किया था. हालांकि एयर इंडिया के इंजीनियरों ने समस्या को सुलझाया और विमान को अगली उड़ान के लिए मंजूरी दे दी, लेकिन जांच में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस सेंसर की खराबी और बाद में हुई दुर्घटना के बीच कोई संबंध था या नहीं.
क्या यह मानवीय गलती, प्रणालीगत विफलता या डिज़ाइन दोष का मामला हो सकता है❓
यही सबसे महत्वपूर्ण सवाल है, जिस पर जांचकर्ता अब भी काम कर रहे हैं. AAIB ने अभी तक पायलट की गलती, विमान प्रणाली की विफलता या डिज़ाइन से जुड़ी खामी को न तो स्वीकार किया है और न ही खारिज किया है. क्रू को पर्याप्त विश्राम मिला था, उन्होंने प्री-फ्लाइट चेक पास किया था और प्रक्रियाओं का पालन किया था. हालांकि, जांच अभी भी यह समीक्षा कर रही है कि उड़ान से पहले और टेकऑफ के बाद के मिनटों में कॉकपिट में क्या हुआ, सिस्टम ने क्या इनपुट लिए और क्या सभी प्रक्रियाएं सही ढंग से निभाई गईं. साथ ही, फ्लाइट डेटा अभी भी विश्लेषण के अधीन है और बोइंग व GE से और अधिक जानकारी मांगी जा रही है.
क्या विमान की आपातकालीन बिजली प्रणाली पूरी तरह से काम कर रही थी❓
RAT (रैम एयर टरबाइन) सक्रिय हुई और APU (ऑक्सिलरी पावर यूनिट) ने खुद-ब-खुद स्टार्ट होने की प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन विमान की इमरजेंसी पावर प्रणाली, विशेषकर इंजन को दोबारा शुरू करने और हाइड्रोलिक सिस्टम को पुनर्प्राप्त करने में उनकी भूमिका पर रिपोर्ट में विस्तार से कुछ नहीं कहा गया है. AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण सवालों को उठाती है लेकिन उन्हें पूरी तरह से सुलझा नहीं पाई है. रिपोर्ट से यह तो स्पष्ट है कि यह हादसा महज तकनीकी गड़बड़ी नहीं था. यह जटिल, बहु-स्तरीय प्रणाली विफलताओं या संभावित मानवीय भूल का भी मामला हो सकता है. अंतिम रिपोर्ट का इंतज़ार अब और महत्वपूर्ण हो गया है.