हरियाणा

हरियाणा कांग्रेस में जारी है घमासान

सियासी खेल जारी, हरिप्रसाद ने चार के नाम बताए , दो विधायकों का प्रदेश कांग्रेस ऑफिस पर धरना, नेता प्रतिपक्ष ने आकर उठाए

राज्यसभा की दो सीटों पर भले फैसला हो चुका है लेकिन क्रास वोटिंग को लेकर कांग्रेस की कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को पार्टी के दो विधायकों गोकुल सेतिया और उनके साथ में मंजू चौधरी प्रदेश कांग्रेस ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सेतिया मंजू चौधरी दोनों ने दावा किया कि सोशल मीडिया में उनको बदनाम किया जा रहा है, जबकि पार्टी प्रभारी बीके हरि और नेता प्रतिपक्ष को दिखाकर वोट डाला है। सेतिया ने कहा कि प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी या फिर केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल से उनके सामाजिक रिश्ते हैं, तो इसका मतलब मैं पार्टी से गद्दारी करुंगा। बहरहाल, दोनों विधायकों नेता विपक्ष और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा आए और उठाकर ले गए।

उधर, कलह इतनी बढ़ी की नारायणगढ़ विधायिका शैली चौधरी के पति और पूर्व सीपीएस रहे रामकिशन गुर्जर ने मीडिया से बातचीत की और उनकी पत्नी पर सवाल उठाने वालों पर ही सवाल खड़े किए। गुर्जर ने कांग्रेस की वरिष्ठ विधायक गीता भुक्कल का नाम लेकर क्रास वोटिंग में उनकी धर्मपत्नी का नाम लेकर गंभीर आरोप लगाने पर नाराजगी जाहिर की साथ ही कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बारे में लीगल राय वकीलों से लेने की बात कैमरों पर कही। उन्होंने सवाल उठाया कि भुक्कल किस हैसियत से बोल रही हैं, वे क्या हैं ? बहरहाल, कांग्रेस  प्रत्याशी  कर्मवीर बौद्ध की जीत के बावजूद क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस में सियासी घमासान जारी है। है। इस क्रम में हरियाणा कांग्रेस मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने पीसी कर चार विधायकों के नाम लिए और पांचवें का नाम लेने से ब बचते रहे।वैसे, सभी विधायक मुखर होकर गद्दारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बुधवार को भी बनाते हुए नजर आए। जस्सी पेटवाड़, बलराम दांगी अन्य कईं युवा विधायक मुखर हैं।

यहां पर बता दें कि सोमवार की देर रात और मंगलवार तड़के परिणाम आने के बाद से कलह बढ़ती जा रही है। गीता भुक्कल और सिरसा विधायक गोकुल सेतिया मुखर हैं। भुक्कल ने प्रत्याशी के साथ गद्दारी करने पर सवाल उठाए व तुरंत ही कार्रवाई की मांग की है।  भुक्कल का तर्क है कि अगर पहले हुए मामलों में कार्रवाई कर देते तो, यह दिन देखने नहीं पड़ते। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पार्टी से गद्दारी करने वाले सभी विधायकों के नाम हाईकमान को दे दिए हैं। पांच लोगों ने क्रास वोटिंग की है।

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दूसरे प्रदेश से आकर बीके हरिप्रसाद पोलिंग एजेंट् बनकर बैठ गए

हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अपना अतीत याद नहीं है, बल्कि कुंठित हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि दूसरे प्रदेश के एक व्यक्ति को पोलिंग एजेंट बनाकर बैठा दिया, तीसरा प्रत्याशी निर्दलीय था, उनकी मर्जी है, किसी को लोकतंत्र में रोका थोड़े ही जाता है। सैनी ने कांग्रेस पार्टी को समाप्ति की ओऱ बताया और जमकर तंज किया।

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विनेश फोगाट का तंज पार्टी में अपने भी कुछ जयचंद

पार्टी विधायक विनेश फोगाट ने प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर की पोस्ट में विनेश ने लिखा कि वोट क्रॉस हुई हो या कैंसिल क्या मंशा दोनों जगह एक जैसी थी ? यह पार्टी को डिसाइड करना है. ऐसे बिना वजह कुछ नहीं होता कोई किंतु परन्तु नहीं होना चाहिए। इस सोच के साथ पार्टी को एक्शन लेना चाहिए।  अगर गलती क्रॉस करने वालों की है, तो कैंसिल करने वालों की भी क्या उतनी ही है यह हमारी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व फैसला ले।  हर बार वार दूसरों के कंधों पर रख कर नहीं होता कुछ अपने भी जयचंद हैं. मॉक ड्रिल इसलिए करवाई गई थी की कोई गलती ना हो अगर फिर भी यह सब हुआ तो जवाबदेही किसकी?  जिसका जमीर जिंदा हो उसकी कोई कीमत नहीं होती, रखवाली जानवरों की होती है इंसानों की नहीं।  सजा उसी को मिले जिसने गलती की ईमानदारों के खिलाफ झूठा नैरेटिव बना कर सजा उनको क्यों. यह विचारधारा की लड़ाई है, जनता की अदालत में उनके नाम जाने चाहिए जनता ही उनका आखिरी फैसला ले।

गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी धरने पर

विधायक गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी धरने पर बैठ गए।  आरोप थे कि इन्होंने क्रॉस वोट किया. इन आरोपों से आहत दोनों विधायक धरने पर बैठ गए और जब नेता विपक्ष और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्हें आश्वस्त करते हुए क्लीन चिट दिया तब वह धरने से उठे।

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बीके हरिप्रसाद ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके चार ‘बागी’ विधायकों के नाम पब्लिक कर दिए। जिसमें नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी, सढ़ौरा विधायक रेणु बाला, पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल शामिल हैं। हरिप्रसाद की ओर से चारों विधायकों के नाम अनुशासन समिति हरियाणा के पास भी भेज दिए हैं। यहां पर बता दें कि 90 सदस्यों वाली विस में  88 विधायकों ने मतदान किया था। जिसमें दो इनेलो विधायकों ने वोट नहीं डाला।  इनमें से कांग्रेस के चार और भाजपा के एक विधायक का वोट रद्द हो गया। यानी 83 वेलिड वोट माने गए और उसके हिसाब से ही चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध को भी 28 वोट हासिल हुए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 37 विधायकों में से चार क्रॉस वोटिंग और चार के रद्द होने के बाद बौद्ध को 29 वोट मिलने चाहिए थे।निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को तीन निर्दलीय विधायकों के अलावा कांग्रेस के भी पांच विधायकों के वोट मिले हैं। ऐसे में अब कांग्रेस प्रभारी द्वारा केवल चार विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग का दावा करने कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रभारी ने चार विधायकों के नाम इसलिए पब्लिक किए हैं, क्योंकि पार्टी के पास इनके द्वारा क्रॉस वोटिंग करने के पुख्ता प्रमाण हैं। पांचवें क्रॉस वोट को लेकर पार्टी के पास प्रूफ नहीं है। बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाए हैं कि चुनाव आयोग, भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है और जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने साम-दाम-दंड भेद सहित सभी तरह के हथकंडे अपनाए।

बहरहाल, कांग्रेस से दो विधायक अपनी ही पार्टी के खिलाफ धरने पर बैठे, तो बुधवार को चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने धरना दिया। इस दौरान यहां पर मीडिया का जमावड़ा लग गया। धरने पर कुछ देर बाद ही नांगल-चौधरी विधायक मंजू चौधरी पहुंची और सेतिया ने कहा कि कांग्रेस को उन विधायकों के नाम पब्लिक करने चाहिएं, जिन्होंने पार्टी को धोखा दिया और क्रॉस वोटिंग की।

विधायकों को उठाने के लिए पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। जिसके बाद ही धरना खत्म हुआ।

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कांग्रेस पार्टी दो फाड़ हो चुकी

प्रदेश सरकार में मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा है कि कांग्रेस के विधायकों ने पार्टी एजेंटस को दिखाकर वोट दिया है। एजेंट क्या कर रहे थे, इनका कुसूर तो खुद का है। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी को सुधारें। बेदी के अलावा कईं अन्य मंत्रियों विपुल गोयल, राजेश नागर रणबीर गंगवा, सांसद किरण चौधरी ने भी हमला बोला।

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सांसद किरण चौधरी बेटी श्रुति ने भी बोला कांग्रेस पर हमला

प्रदेश में राज्यसभा सीट को लेकर चल रहे विवाद पर किरण चौधरी ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी पहले हुए मामलों में कार्रवाई होती तो आज इनकी यह हालत नहीं होती। किरण चौधरी ने कांग्रेस के नेतृत्व पर ही सवाल खड़े कर दिए अर्थात इशारों ही इशारों में नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोला।

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