
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव ने कांग्रेस की हालत गर्म दूध जैसी कर दी है। उसे समझ ही नहीं आ रहा कि वह पार्टी प्रत्याशी कर्मबीर बौद्ध को वोट न देने वालों पर क्या कार्रवाई करे। हालांकि कांग्रेस ने औपचारिक तौर पर क्रॉस वोट करने वालों की पहचान करने का दावा किया है, लेकिन उन पर कार्रवाई को लेकर पार्टी अब भी असमंजस में है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्रॉस वोटिंग करने वालों को किस आधार पर पहचाना गया। पार्टी में एक वर्ग तो तत्काल ही इन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने के पक्ष में है, लेकिन एक वर्ग का कहना है कि मामले ठंडा होने देना चाहिए। हालांकि कार्रवाई करने या न करने, दोनों ही सूरत में नुकसान कांग्रेस का है। उधर भाजपा संगठन के पदाधिकारी व निर्दलीय सतीश नांदल को लेकर बनाई गई रणनीति बनाकर भाजपा के सियासी दिग्गजों ने एक तीर से कईं निशाने साधने का काम किया है। कांग्रेस ने पांच विधायकों को कारण बताओ नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है, साथ ही उन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अतीत में भी राज्यसभा की सीटों को लेकर खेला चलता रहा है। लेकिन राज्यसभा की सीटों को लेकर वोटिंग और मतगणना के गणित को सुलझाने में बड़े बड़े उलझ जाते हैं। इसलिए अब वोटिंग सिस्टम बदलने की मांग भी उठने लगी है। अपना नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के नेता, विधायक इस पर तमाम सुझाव देते हैं, साथ ही इसे भी ईवीएम और डिजिटल उपकरणों से करने की मांग करने लगे है। लेकिन सार्वजनिक तौर पर अभी इस पर टिप्पणी करने से गुरेज कर रहे हैं, एक कांग्रेस के विधायक ने तो यहां तक कहा कि जब हम ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं, तो राज्यसभा की सीटों को लेकर ईवीएम की मांग कैसे कर सकते हैं?
राज्यसभा की क्रास वोटिंग और भविष्य का गणित
राज्यसभा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी के उतरने के साथ ही 9 विधायकों के पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग करने के बाद अब आने वाले वक्त के लिए बहस छिड़ गई है। पांच दागियों को नोटिस थमा चुकी कांग्रेस के सामने दोहरा संकट है, इधर कुआ, उधर खाई क्योंकि विधायकों के विरुद्ध कार्रवाई करने और ज्यादा दबाव में गणित उलझ भी सकता है, क्योंकि भाजपा के थिंक टैंक इस दिन का इंतजार करने में जुटे हैं। अगर इन विधायकों पर निलंबन अथवा निष्कासन की कार्रवाई हुई तो इनकी विस सदस्यता बची रहेगी। जबकि पार्टी से इनके खुद इस्तीफा देने की सूरत में विस की सदस्यता पर संकट खड़ा हो जाएगा। कुल मिलाकर कुछ सीटों पर उपचुनाव तक के गणित लगने लगे हैं। अर्थात कांग्रेस को बाय बाय कर भाजपा का कमल थामकर यह विधायक दोबारा विस में पहुंच सकते हैं। अर्थात उपचुनाव तक के कयास भी लगाए जाने लगे हैं।
विपक्ष विधायकों की क्रॉस वोटिंग
कांग्रेस के कुछ विधायकों ने क्रास वोटिंग कर अपनी ही पार्टी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हरियाणा अब उन प्रदेशों में शुमार हो गया है, जिन राज्यों में मुस्लिम विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया है। हरियाणा में दो विधायकों मुहम्मद इलियास और मोहम्मद इसराइल दो विधायकों पर क्रास वोटिंग के आरोप लगे हैं। साथ ही इन दोनों को भी नोटिस थमा दिए गए हैं। हुड्डा खेमे के दोनों विधायक पूर्व सीएम और नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे से आते हैं। हरियाणा के अलावा बिहार ओडिशा में कांग्रेस के कई विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा कमल के पक्ष में वोट दिया है। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के तीन मुस्लिम विधायकों की हो रही है। इन तीनों विधायकों ने भाजपा के पक्ष में वोट देने और गणित तैयार करने का काम किया है। जिससे कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा। हरियाणा प्रदेश की बात करें, तो दो मुस्लिम विधायकों ने बीजेपी नेता और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को वोट दिया तो ओडिशा में कांग्रेस की एक मुस्लिम विधायक बीजेपी को वोट देकर विपक्ष का खेल खराब कर दिया।
कांग्रेस के करीब 9 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर बीजेपी नेता और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में वोट दिया। पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। चार विधायकों के वोट अमान्य घोषित किए गए। कांग्रेस से जिन पांच विधायकों ने सतीश नांदल को वोट दिया उनमें दो मुस्लिम विधायक भी शामिल हैं।
कांग्रेस के मुस्लिम विधायक
मोहम्मद इलियास- कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग करने के आरोप में मुहम्मद इलियास को भी नोटिस थमाया है, हालांकि उनकी सेहत लंबे समय से ठीक नहीं है। वे डायलिसिस पर हैं। मोहम्मद इलियास मुस्लिम इलाके मेवात पुन्हाना से विधायक हैं और कांग्रेस में आने के ठीक पहले इलियास इनेलो में थे। पुन्हाना से उन्होंने तीसरी बार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे। 2024 के विधानसभा चुनाव में मो. इलियास ने 31916 वोटों से जीत दर्ज की थी। मोहम्मद इलियास ने 85300 मिले थे। उन्होंने यहां से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। पहले भी वह यहां से विधायक रह चुके हैं। 2019 के विधानसभा में इलियास ने 816 वोटों के अंतर जीत दर्ज की थी। 2014 के चुनाव में इलियास इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। मोहम्मद इलियास इनेलो के टिकट पर यहां से 2009 में पहली बार जीत दर्ज की थी।
मोहम्मद इसराइल
मोहम्मद इसराइल जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली से पढ़ाई की है। पलवल की हथीन विधानसभा सीट से कांग्रेस के वर्तमान विधायक हैं। 2024 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी और हथीन के ही रहने वाले हैं। मोहम्मद इसराइल का परिवार लंबे समय से कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा है। उनके पिता हथीन से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। 2019 में पिता के निधन के बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन करीब 2900 वोट से हार गए। 2024 में कांग्रेस ने उन्हें फिर से मौका दिया और वह पहली बार यहां से विधायक चुने गए। उन्होंने बीजेपी के मनोज रावत को 32 हजार वोटों से हराया था।
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सोफिया फिरदौस?
23 अगस्त, 1991 को जन्मी सोफिया फिरदौस ओडिशा बाराबती-कटक विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। उन्हें ओडिशा की पहली महिला मुस्लिम विधायक होने का गौरव प्राप्त है। सोफिया के पिता भी यहां से विधायक रह चुके हैं। सोफिया का परिवार भी कांग्रेसी रहा है। सोफिया ने स्कूली शिक्षा कटक सेंट जोसेफ गर्ल्स हाई स्कूल और रेवेनशॉ जूनियर कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने केआईआईटी , भुवनेश्वर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की और बाद में 2022 में आईआईएम बैंगलोर से एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा किया। सोफिया फिरदौस की शादी 2015 में व्यवसायी शेख मेराज़ुल हक से हुई। भाजपा समर्थित उम्मीदवार को वोट देने की वजह से कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया है।




