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हर मिनट 13 लाख डॉलर फूंक रहा अमेरिका

ईरान के साथ युद्ध का शुरुआती खर्च हर अमेरिकी परिवार पर डालेगा 1400 डॉलर का बोझ

ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका कितनी बड़ी रकम खर्च कर रहा है। पेंटागन ने इस युद्ध को वित्तपोषित करने के लिए 200 अरब डॉलर (प्रति अमेरिकी परिवार 1,400 डॉलर से अधिक) की मांग की है, लेकिन यह भी कुल लागत को कम करके दर्शाता है। इसके बाद से इस खर्च पर बहस तेज हो गई है। युद्ध पर होने वाले खर्च यानी वित्तपोषण की विशेषज्ञ लिंडा बिलमेस कहती हैं कि वास्तविक लागत बाद में सामने आएगी। उदाहरण के लिए जो सैनिक युद्ध के दौरान किसी बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं या उनकी पहले से मौजूद बीमारी बढ़ जाती है, उन्हें जीवनभर लाभ और चिकित्सा देखभाल मिलेगी। यदि आज के सैनिक 1990-91 के खाड़ी युद्ध में भाग लेने वालों की तरह ही लाभ का दावा करते हैं तो केवल इस पर ही अंततः कम से कम 600 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं। और निश्चित रूप से इस सबकी मानवीय कीमत भी है। कुल मिलाकर ईरान युद्ध करदाताओं को 1 ट्रिलियन (एक लाख करोड़) डॉलर से अधिक का पड़ेगा। पेंटागन की रिपोर्टिंग के अनुसार युद्ध के पहले छह दिनों में 11.3 अरब डॉलर खर्च हुए यानी प्रति मिनट 1.3 मिलियन डॉलर से अधिक।

इस युद्ध पर हो रहे खर्च को ऐसे समझें

इस युद्ध के केवल दो सप्ताह से थोड़े अधिक खर्च (लगभग 30 अरब डॉलर) में हर उस अमेरिकी परिवार को मुफ्त कॉलेज शिक्षा दी जा सकती थी, जिसकी वार्षिक आय 125,000 डॉलर से कम है।

तीन सप्ताह से कम के युद्ध खर्च (लगभग 35 अरब डॉलर) में 3 और 4 साल के बच्चों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्री-के कार्यक्रम चल सकते थे।

केवल 75 मिलियन डॉलर यानी युद्ध के लगभग एक घंटे के खर्च में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले हर बच्चे को तीन मुफ्त किताबें दी जा सकती हैं, जिससे उनकी शिक्षा में सुधार होता।

अमेरिका में औसतन हर दो घंटे में एक महिला की सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु होती है। सभी जरूरतमंद बिना बीमा वाली महिलाओं की जांच पर लगभग 1 अरब डॉलर खर्च होगा यानी युद्ध के सिर्फ 13 घंटे के खर्च से सैकड़ों जानें बच सकती हैं।

300 मिलियन डॉलर यानी युद्ध के चार घंटे के खर्च से अमेरिका के 23 लाख गरीब स्कूली बच्चों को चश्मा उपलब्ध कराया जा सकता है।

लगभग 34 अरब डॉलर प्रति वर्ष (तीन सप्ताह से कम का युद्ध खर्च) में स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी बहाल हो सकती है, जिससे हजारों मौतें टल सकती हैं।

यदि इस युद्ध के पैसे का कुछ हिस्सा विदेशों में लगाया जाए तो इससे और भी अधिक जीवन बचाए जा सकते हैं। वास्तव में अमेरिका ने युद्ध के पहले तीन दिनों में जितना खर्च किया, उससे कम (4 अरब डॉलर) अमेरिका ने पूरे 2025 में मानवीय सहायता पर खर्च किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हासिल होता

400 मिलियन डॉलर (पांच घंटे से थोड़ा अधिक के युद्ध खर्च) में दुनिया भर के सभी जरूरतमंद बच्चों को कीड़े की दवा दी जा सकती है। 380 मिलियन डॉलर (पांच घंटे से कम के युद्ध खर्च) में 19 करोड़ बच्चों को विटामिन ए सप्लीमेंट दिया जा सकता है, जिससे हर साल 4.8 लाख तक बच्चों की जान बचाई जा सकती है और अंधापन लगभग समाप्त हो सकता है। लगभग एक दिन के युद्ध खर्च से मलेरिया से 3.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती है। 4.3 अरब डॉलर (तीन दिन से कम के युद्ध खर्च) में गंभीर कुपोषण को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है, जिससे हर साल लगभग 15 लाख बच्चों की जान बच सकती है। जॉर्ज डब्लू. बुश प्रशासन ने 2003 में इराक युद्ध की लागत 40 अरब डॉलर बताई थी, जबकि अंततः यह लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसके अलावा आज के आंकड़े केवल शुरुआती लागत पर आधारित हैं। 1 ट्रिलियन डॉलर का अनुमान भी महंगे पेट्रोल, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को शामिल नहीं करता।

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