साहित्यलोक
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कोई कहती थी : “यह उचक्का है”। कोई कहती थी : “यह पक्का है”।
रानी केतकी की कहानी इंशा अल्ला ख़ाँ कहानी के जोबन का उभार और बोल-चाल की दुलहिन का सिंगार किसी देश…
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अँधियारे गलियारे में चलते हुए लतिका ठिठक गई
परिंदे निर्मल वर्मा अँधियारे गलियारे में चलते हुए लतिका ठिठक गई। दीवार का सहारा लेकर उसने लैंप की बत्ती बढ़ा…
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“तेरी कुड़माई हो गई?”
(एक) बड़े-बड़े शहरों के इक्के-गाड़ी वालों की ज़बान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल गई है, और कान पक गए…
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रस्किन बॉन्ड ने सादगी से मनाया अपना 91वां जन्मदिवस
मसूरी। अंग्रेजी के ख्यातिलब्ध लेखक पदम भूषण रस्किन बांड ने अपना 91वां जन्म दिन परिवार के साथ सादगी से मनाया।…
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए
मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया फिल्में और सोशल मीडिया समाज में परिवर्तन…
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मंत्रिमंडल ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने को स्वीकृति ..अब तक कितनी भाषाओं को मिल चुका है दर्जा …
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का…
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गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर की कहानी – गूंगी
कन्या का नाम जब सुभाषिणी रखा गया था, तब कौन जानता था कि वह गूंगी होगी। इसके पहले, उसकी दो…
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श्रीलंका के राष्ट्रगान से गुरुदेव का क्या रिश्ता है?
सभी जानते हैं कि भारत के राष्ट्रगान जन गण मन… के रचयिता गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर हैं, कुछ लोग यह भी…
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साहित्य का पहला नोबेल लियो टॉलस्टाय को न देने पर स्वीडन के ही 45 लेखकों ने खोल दिया था मोर्चा
महान आविष्कारक, वैज्ञानिक और उद्योगपति अल्फेड नोबेल ने 1888 में अपने भाई की मौत पर एक फ्रेंच अखबार में गलती…
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डार्लिंग- आंतोन चेखव की कहानी
गर्मी के दिन थे। ओलेन्का अपने मकान के पिछले दरवाजे पर बैठी थी। उसे मक्खियां तंग कर रही थीं फिर…
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