
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र एक ब्रेक के बाद फिर से शुरु हो रहा है। खास बात यह है कि सोमवार को गहमागहमी और सियासी हलचल तेज रहेगी क्योंकि इसी दिन हरियाणा के माननीयों को दो राज्यसभा की सीटों का भाग्य भी लिखना है। अब तक राज्यपाल के अभिभाषण औऱ बजट पर आमने-सामने होने के बाद एक बार फिर से सत्र में विधायक अपने क्षेत्र के मामले उठाएंगे।
दूसरी तरफ राज्यसभा चुनाव के कारण कांग्रेस के (पांच को छोडकर) सभी विधायक हिमाचल के आलीशान होटलों की शान बढ़ाने के बाद में चुनाव के लिए सीधे ही चंडीगढ़ वापसी आएंगे। कांग्रेस इस बार फूंक फूंककर कदम उठा रही है। जिस कारण से सियासी हलचल बढ़ी हुई है, भारतीय जनता पार्टी की ओऱ से भी अपने विधायकों साफ साफ हिदायत दी गई है कि वे चंडीगढ़ में ही रहेंगे और वोटिंग समाप्त होने के बाद इजाजत लेकर ही राजधानी चंडीगढ़ से बाहर जा सकेंगे। जिन विधायकों को हिमाचल नहीं ले जाया गया है, उनकी निजी बड़ी मजबूरी के कारण हाईकमान के आदेश पर उन्हें छूट दी गई है।
बजट सत्र 16 मार्च दोपहर से
विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च से एक बार फिर दोपहर बाद दो बजे शुरू होने जा रहा है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए सुबह नौ बजे से शाम को चार बजे तक मतदान होना है , इस तरह से विधानसभा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। इतना ही नहीं भवन के अंदर और बाहर सुरक्षा का पहरा भी कड़ा कर दिया गया है।। एक ओर बजट पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है, वहीं दूसरी ओर राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों को साधने में जुटे हुए हैं।
दो सांसदों का कार्यकाल हो रहा समाप्त
जिन दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, वे वरिष्ठ सांसदों के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 16 मार्च को मतदान और उसी दिन मतगणना की जाएगी। विधानसभा के सदस्य ही इन सीटों के लिए मतदान करेंगे।
सरकार की नीतियों पर चर्चा और चिंतन मंथन सत्र के दूसरे चरण में राज्य सरकार द्वारा पेश किए बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रावधानों को सदन में रखेगी। दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से तैयारी की जा रही है ताकि अंतिम दिनों में भी सत्तापक्ष पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ा जाए। विपक्ष ने पहले संकेत दे दिए हैं कि वह बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं, कर्मचारियों की मांगों और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाए।
भाटिया का जाना सुनिश्चित दूसरे चेहरों पर चिंता की लकीर
भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता कर्मवीर बौद्ध मैदान में उतारे गए हैं। बौद्ध व कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ रही हैं क्योंकि क्रास वोटिंग के कारण ही कांग्रेस अपने विधायकों को लेकर हिमाचल गई है। एक निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के मैदान में आने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। नांदल का भाजपा में अच्छा खासा प्रभाव है, साथ ही वे इनेलो में भी लंबे अर्से तक रहे हैं, चौटाला परिवार में संबंध और पैठ रखने वाले नांदल के उतरने के कारण ही भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के सामने बड़ी चुनौती पेश रही है। भाजपा की नजर अब दूसरी सीट पर भी है। अब देखना यह होगा कि इनता उठापटक का क्या नतीजा निकलता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान में क्रॉस-वोटिंग हुई तो चुनाव परिणाम चौंकाने वाले भी हो सकते हैं।
विधायकों को एकजुट रखने की कवायद
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी ने अपने विधायकों के साथ बैठक कर मतदान प्रक्रिया और रणनीति पर चर्चा की है। कांग्रेस नेतृत्व भी अपने विधायकों के साथ लगातार संपर्क में है और उन्हें पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करने के निर्देश दिए गए हैं। राजनीतिक हलकों में क्रॉस-वोटिंग की चर्चाएं भी तेज हैं, इसलिए दोनों दल सतर्कता बरत रहे हैं।
विधानसभा का गणित भी अहम
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं और राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए लगभग 31 वोटों की आवश्यकता होती है। मौजूदा संख्या बल के हिसाब से सत्ता पक्ष एक सीट को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरी सीट पर मुकाबला रोचक माना जा रहा है। छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका भी इस चुनाव में अहम मानी जा रही है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव – एक नजर
मतदान की तारीख: 16 मार्च
कुल सीटें: 2
कुल विधायक: 90
जीत के लिए जरूरी वोट: करीब 31
प्रमुख उम्मीदवार:भाजपा – संजय भाटिया
कांग्रेस – कर्मवीर बोध
मतदान स्थल: हरियाणा विधानसभा, चंडीगढ़




