हरियाणा

कांग्रेस ने एक राज्य सभा सीट जीती पर नौ विधायकों की कीमत पर

नारायणगढ़ की विधायक के पति पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर ने बतौर प्रदेश कार्यकारी अध्य़क्ष पद से इस्तीफा दे दिया

कांग्रेस बड़ी दुविधा में है। उसके सामने यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि वह बिना जनाधार वाले कर्मवीर बौद्ध की जीत का जश्न मनाए या पार्टी लाइन से बाहर जाकर वोट करने वाले नौ निर्वाचित विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए। अगर ऐसा होता है तो यह हरियाणा में कांग्रेस के लिए बड़े घाटे का सौदा होने जा रहा है। अभी मौजूदा विधानसभा का साढ़े तीन साल का कार्यकाल बाकी है और अगर कांग्रेस इन विधायकों को निकालती है तो तकनीकी रूप से वे असंबद्ध विधायकों के रूप में अपनी सदस्यता कायम रख सकते हैं। यदि पार्टी उन्हें नहीं निकालती है तो भी वे पार्टी के लिए अब हमेशा सिरदर्द बने रहेंगे। इस बीच  अंबाला नारायणगढ़ सीट से विधायक शैली चौधरी के पति व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दूसरी ओर नेता विपक्ष और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस मामलों के हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रास वोटिंग की है। दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी होंगे और इन पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा जिन चार विधायकों के वोट रद्द हुए हैं उन पर भी कार्रवाई तय मानी ता रही है। वोटों को तकनीकी आधार पर रद्द करवाकर इन विधायकों ने सीधे तौर पर निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को लाभ पहुंचाया।

यहां पर बता दें कि सोमवार की देर रात जमकर सियासी ड्रामा चला और आधी रात दो बजे के आसपास परिणाम घोषित किया गया। यह भी चुनाव अधिकारी ने नहीं बल्कि भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी नेताओं ने खुद आकर एक एक सीट जीतने की जानकारी दी। कांग्रेस के नेताओं में हुड्डा, उनके बेटे सांसद दीपेंद्र हुड्डा, बीबी बतरा, गीता भुक्कल जमकर बरसे और भाजपा पर लोकतंत्र का गला दबाने के आरोप लगाए।

एक सीट हारते हारते बची कांग्रेस

एक सीट हारते-हारते बची कांग्रेस पार्टी में  असली विवाद  पांच वोटों को लेकर हो रहा है। पार्टी के प्रभारी बीके हरिप्रसाद और हुड्डा, पीसीसी चीफ राव नरेंद्र के अनुसार पांचों विधायकों को कारण बताओ नोटिस देने की तैयारी कर ली गई है।  इन पर आरोप है कि सोमवार को वोटिंग के दौरान राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की। राज्यसभा चुनाव नतीजों के 12 घंटे के भीतर हरियाणा कांग्रेस कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने पार्टी छोड़ दी। उनकी पत्नी शैली चौधरी नारायणगढ़ सीट से विधायक हैं। वोटिंग के दौरान वे विस के बाहर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सलाहकार  के साथ नजर आई थीं। अब पूरे विवाद के बाद में शैली चौधरी को लेकर चर्चा है कि किसी भी वक्त उनका इस्तीफा हो सकता है। वैसे, बताय जा रहा है कि पार्टी हाईकमान के रुख का इंतजार करेंगी, क्योंकि पार्टी शैली को निकालती है तो विधानसभा सदस्यता बरकरार रहेगी। खुद कांग्रेस छोड़ने की सूरत में विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित हो जाएंगी, जिसके कारण शैली बागी बनकर कांग्रेस में ही बनी रह सकती हैं। पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले पांचों विधायकों के नामों को लेकर सवाल करने पर कहा कि सभी चिन्हित हैं, इस बारे में हाईकमान को लिखित में भेज दिया गया है।  जिन पर जल्द ही कार्रवाई होगी।

वैसे, रामकिशन गुर्जर और शैली चौधरी की गिनती सांसद सैलजा के करीबियों में है। उनको टिकट दिलाने को लेकर भी सैलजा का नाम सामने आता है।  वैसे,  नारायणगढ़ सूबे के मुख्यमंत्री  नायब सैनी का गृह क्षेत्र है। सैनी खुद 2014 में पहली बार इसी सीट से विधायाक बने थे। सैनी ने रामकिशन गुर्जर को हराकर जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2005 के विधानसभा चुनाव में गुर्जर ने नारायणगढ़ सीट पर सैनी को को हराया था।
यहां पर बता दें कि सोमवार को हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 5 विधायकों ने पार्टी प्रत्यााशी कर्मवीर बौद्ध की बजाय भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को वोट दिया था। क्रॉस वोटिंग करने वाले 4 विधायक तो तीन दिनों तक हिमाचल में भी सभी विधायकों के साथ में थे।  उसके बाद भी वे भाजप समर्थित  प्रत्याशी सतीश नांदल के संपर्क में रहे।  गुर्जर और शैली चौधरी केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के करीबी रिश्तेदार भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, रिश्तेदारी के जरिए भाजपा ने कांग्रेस की वोट में सेंध लगाने का काम किया था।शैली लगातार कांग्रेस विधायकों के साथ हिमाचल गईं थीं। बतायाा जा रहा है कि  कांग्रेस का रुख देखकर शैली चौधरी अगला कदम उठाने का कम करेंगी, हालांकि इसकी पटकथा पहले ही लिख ली गई है।

 

कांग्रेस को भनक भी लगी
‘विधायक बचाओ मिशन’ के तहत कांग्रेस ने 31 विधायकों को हिमाचल भेजा। उनमें शैली चौधरी भी थीं। वहां होटल में रहीं और 15 को सभी विधायकों को कसौली के रमाडा होटल में शिफ्ट किया गया। इसी दौरान कांग्रेस को भनक भी लग गई थी कि कुछ विधायक भाजपा समर्थित निर्दलीय के संपर्क में हैं। कांग्रेस नेताओं ने नजर बनाए रखी, वोटिंग का इंतजार किया

विधायकों की होर्स ट्रेडिंग का प्रयास हुआ
पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद के हवाले से यह खबर भी सामने आई थी कि शिमला में उनके विधायकों की होर्स ट्रेडिंग का प्रयास हुआ। उन्होने अपने बयान में इस तरह की शिकायत शिमला पुलिस को शिकायत देने की बात कही है।

5 विधायक शक के दायरे में आए
कांग्रेस के पोलिंग एजेंट के तौर पर भूपेंद्र हुड्डा और पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद अंदर बैठे हुए थे, इस कारण से क्रास वोटिंग का गेम पार्टी के नेताओं को पता लग गया था। पार्टी के सभी विधायकों को वोट डालने से पहले इन्हें अपना बैलेट दिखाना जरूरी था। इसी दौरान 5 विधायक शक के दायरे में आ गए।
यहां पर यह भी ब ता दें कि  पूर्व की हुड्डा सरकार कांग्रेस शासनकाल के दौरन मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) रहे रामकिशन गुर्जर का नाम नारायणगढ़ में एक स्थानीय पत्रकार के सुसाइड केस में आया था। केस में सेशन कोर्ट ने गुर्जर को 4 साल की सजा सुनाई और वो हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।  गुर्जर 2019 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़े, जिसके बाद से पत्नी शैली चौधरी सियासत संभाल रहीं हैं।

बहरहाल, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने पद से इस्तीफा दे दिया है, साथ ही पार्टी छोड़ने की घोषणा की है। नेता विपक्ष और पीसीसी चीफ राव नरेंद्र ने  इस इस्तीफे की पुष्टि की है।

बीती रात और मंगलवार को तड़के भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने एक-एक सीट जीतने की जानकारी खुद मीडिया को दी।  निर्दलीय और तीसरे प्रत्याशी सतीश नांगल को हार का सामना करना पड़ा।

शैली चौधरी का नाम क्रॉस-वोटिंग में जोड़ा जा रहा है। रामकिशन गुर्जर ने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी पत्नी को बदनाम किया जा रहा है, जिससे वे दुखी हैं। कुछ रिपोर्ट्स में संकेत है कि शैली चौधरी भी जल्द पार्टी छोड़ सकती हैं या इस्तीफा दे सकती हैं।

अब बाकी विधायकों की बाता करें, तो दो विधायक नूंह मेवात क्षेत्र से संबंध रखते हैं, साथ ही इनमें एक बीमार है। दोनों ही अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। जबकि एक  फतेहबाद जिले से संबंध रखता है। उक्त विधायक मंगलवार को  विस के अंदर भी मौजूद रहा है। जिसने कुछ मुद्दे उठाते हुए सरकार के कामकाज की तारीफ भी की। शैली चौधरी आईं और अपनी हाजिरी लगाकर चली गईं।

 

दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हरियाणा का हर नागरिक बधाई का पात्र है। हमारे विधायकों ने साजिशों का पर्दाफाश किया और लोकतंत्र की रक्षा की। भाजपा ने साम-दाम-दंड-भेद का सहारा लिया साथ ही जमकर बोली लगाई, दबाव डाला, लेकिन हमारे विधायकों ने खरीद-फरोख्त को रोका और अंधेरे में प्रजातंत्र का गला घोंटने की कोशिश हुई। काउंटिंग में हमारी 4 वोट अवैध ठहराई गईं, जो वैध थीं।

कांग्रेस हाईकमान को सौंपे 9 विधायकों के नाम
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग में भारी ड्रामा देखने को मिला था। कांग्रेस ने विधायकों को हिमाचल प्रदेश शिफ्ट किया था ताकि खरीद-फरोख्त से बचा जा सके। उसके बाद भी  क्रॉस वोटिंग की चर्चा चारों तरफ चल रही थी।  विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा ने पार्टी के उन 9 विधायकों के नाम कांग्रेस हाईकमान को सौंप दिए हैं, जिनके वोट निरस्त और क्रॉस हुए हैं। कांग्रेस हाईकमान विधायकों से जवाब मांगने और  पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने पर जल्द ही फैसला ले सकती है क्योंकि इस बार गद्दारी करने वालों को सबक सिखाने का दाव सभी नेता कर रहे थे।

राम किशन गुर्जर ने कहा कि शैली चौधरी ने क्रॉस वोट नहीं किया बल्कि उनको बदनाम करने की नीयत से उनका नाम उछाला जा रहा है इस लिए विरोध स्वरूप मैं पार्टी पद से इस्तीफा देता हूं।

कांग्रेस में भ्रष्ट लोगों की कदर

बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि मेरा दिल, दिमाग और आत्मा दुखी है। कांग्रेस में भ्रष्ट लोगों की कदर है। कांग्रेस में रहने पर वत्स ने कहा कि वक्त बताएगा।  गलत तरीके से वोट इनवेलिड करवाए। वत्स पूरी रात भाागदौड़ करते रहे और मंगवार की सुबह भावुक नजर आए।

 

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