हरियाणा

अजय चौटाला का भड़काऊ बयान : लोगों को घसीट कर कुर्सी से उतारना पड़ेगा

सजा के बाद लगी रोक खत्म होने के बाद आगे चुनाव लड़ने का किया ऐलान

जननायक जनता पार्टी (JJP) सुप्रीमो डॉ. अजय चौटाला के 65वें जन्म दिन पर शुक्रवार को हांसी में रैली हुई। इसमें अजय चौटाला ने एक बार फिर भड़काने वाला बयान दिया। बोले-भारत के पड़ोस में बदलाव आया। नेताओं को दौड़ा दौड़ा कर मारा गया। अब यहां भी इन लोगों को घसीट कर कुर्सी से उतारना पड़ेगा, इसके लिए लामबंद होना पड़ेगा।

अजय ने इससे पहले भी नेपाल क्रांति का उदाहरण देते हुए ऐसा बयान दिया था। अब बोले-देश को अंबानी-अदानी चला रहे हैं। सरकार के मंत्री उनके पैसों से विदेश में मौज उड़ा रहे हैं। आज बदलाव का समय है। जैसे इमरजेंसी के बाद चुनाव हुए कांग्रेस साफ हो गई। अब वही सरकार बीजेपी के रूप में आई है।

इसमें पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा-अब अजय चौटाला का वनवास खत्म हो गया। जेबीटी भर्ती घोटाले में मिली सजा 2021 में पूरी हो थी। अब भविष्य में वो चुनाव लड़ेंगे। रैली में शिरोमणि अकाली दल से जुड़े पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर, आजमगढ़ से सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, राजस्थान से विधायक रविंद्र सिंह भाटी पहुंचे।

मंच पर सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल महाराज को समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया। रामपाल जेल में हैं। उनके प्रतिनिधि को सम्मान स्वरूप हल सौंपा गया। आश्रम की ओर से अजय को बधाई संदेश भेजा गया।

अजय चौटाला की जुबान फिसली

भाषण के दौरान अजय चौटाला की जुबान भी फिसली। उन्होंने अपने बेटे को जेजेपी की जगह इनेलो का युवा अध्यक्ष बता दिया। जिसका वीडियो भी काफी वायरल हुआ।

दुष्यंत बोलेअजय चौटाला का वनवास खत्म, चुनाव लड़ेंगे

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भाषण में कहा कि अजय चौटाला का वनवास खत्म हो चुका है। जेबीटी भर्ती मामले में सजा 2021 में पूरी हो चुकी है। अब भविष्य में चुनाव लड़ेंगे। जेजेपी देवी लाल की सोच का संगठन है। विरोधी सुन लें चाबी का दौर कभी नहीं जाएगा। देवीलाल की तरह हरियाणा में 1985 वाला इतिहास दोहराएंगे। तब लोकदल ने 85 सीट जीती थी।

इनेलो मंडी के बनाने सीएम से मिली, 2 वोट गिरवी रखे

दुष्यंत ने कहा कि इनेलो नेता 2 वोट लेकर मंडी का बहाने मुख्यमंत्री से मिलने गए। पार्टी ने दो वोट गिरवी रख दिए हैं। 12 मार्च को इनेलो प्रमुख अभय चौटाला चंडीगढ़ सीएम हाउस पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंडी में खरीद इंतजाम समेत अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। दुष्यंत ने इसी पर निशाना साधा।

दुष्यंत बोलेराज्यसभा चुनाव में 72 घंटे में खेला होना बाकी

रैली के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में 72 घंटे में खेला होना बाकी है। विधायकों की संख्या की बात करें तो भाजपा व कांग्रेस के पास एक-एक सीट के लिए जरूरी संख्या है। लेकिन स्याही कांड-पर्ची कांड बहुत से अतीत में खेले हुए हैं। उन्होंने कहा कि हांसी डॉ. अजय चौटाला की कर्मभूमि रही है। जब वो भिवानी से सांसद थे, तब हांसी इसी में आता था। अब हांसी 23वां जिला बन चुका है। इसलिए रैली के लिए हांसी को चुना गया। दुष्यत ने कहा कि अजय चौटाला के चुनाव लड़ने को लेकर जो कानूनी बाध्यता थी, वो दूर हो गई है, ऐसे में चुनाव लड़ेंगे।

इन दो कारणों से जजपा ने रैली की

  • हांसी जिला बनने के बाद पहली राजनीतिक रैली:हांसी के नया जिला बनने के बाद जननायक जनता पार्टी ऐसा पहला दल है, जिसने यहां सबसे पहले रैली की। हांसी पहले हिसार जिले का ही हिस्सा हुआ करता था। अजय सिंह चौटाला भिवानी से सांसद रह चुके हैं और हिसार से उनके बेटे दुष्यंत चौटाला सांसद रहे हैं। इसलिए उनकी पार्टी की हांसी में मजबूत राजनीतिक पकड़ कही जा सकती है। इनेलो के टूटने के बाद जब जजपा ने अपनी पहली रैली की थी, तब जींद का चयन किया गया था।
  • दुष्यंत को मिलती रही मजबूती:जींद और हांसी दोनों जिले ऐसे हैं, जहां राजनीतिक मजबूती हासिल करने की अपार संभावनाएं हैं। दुष्यंत ने जब सांसद का चुनाव जीता तब हांसी से उनको मजबूती मिली थी। चौटाला परिवार का हांसी में अच्छा होल्ड रहा है। हांसी के साथ लगते नारनौंद हलके और अजय चौटाला के पूराने भिवानी संसदीय क्षेत्र के इलाके हांसी से लगते हैं। यही कारण है कि चौटाला परिवार ने हांसी को जन्मदिन मनाने का स्थान चुना।

जानिए कौन हैं अजय चौटाला

अजय सिंह चौटाला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे दुष्यंत चौटाला के पिता हैं। अजय चौटाला राजस्थान से दो बार विधायक रह चुके हैं। अजय चौटाला को पहली बार 1989 में सीकर जिले के दातांरामगढ सीट से विधायक रहने का मौका मिला। फिर इसके बाद वे 1993 में हनुमानगढ़ जिले के नोहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।

अजय चौटाला 1999 में भिवानी लोकसभा से सांसद बने। इसके बाद वे 2004 में हरियाणा से राज्यसभा के सांसद बने। इसके बाद वे 2009 में डबवाली से विधायक बने।

2013 में सुनाई गई थी सजा

रोहिणी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 16 जनवरी 2013 को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला समेत तीन सरकारी अधिकारियों को जेबीटी भर्ती घोटाले के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के कारण ओमप्रकाश चौटाला की करीब आठ माह पहले विशेष छूट के तहत सजा पूरी हो गई थी।

अजय चौटाला ने सजा के दौरान समय-समय पर दो साल सात माह और 24 दिन पैरोल पर रहे। फरवरी 2022 में अजय चौटाला की सजा पूरी हुई थी।

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