
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) से जुड़े एक नए विवाद में घिर गए हैं। वित्तीय खुलासों से पता चला है कि ट्रंप या उनके सलाहकारों ने 2026 के पहले तीन महीनों में 3,700 से अधिक शेयर सौदे किए। इनमें उन कंपनियों के शेयरों का लेन-देन भी शामिल था, जो सीधे अमेरिकी सरकारी नीतियों और नियामक फैसलों से प्रभावित होती हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार यह ट्रेडिंग गतिविधि एनवीडिया, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और बोइंग जैसी अमेरिका की कई बड़ी टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, एयरोस्पेस और मीडिया कंपनियों से जुड़ी थी। इन सौदों की कुल राशि करोड़ों डॉलर में बताई गई है। इनमें से कई कंपनियां ऐसे क्षेत्रों में काम करती हैं जिन पर सरकार का सीधा प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए एनवीडिया को चीन को उन्नत एआई चिप्स निर्यात करने के लिए अमेरिकी सरकार की मंजूरी चाहिए होती है, जबकि बोइंग का कारोबार रक्षा और एयरोस्पेस अनुबंधों से जुड़ा है, जो संघीय सरकार पर निर्भर हैं। इसी तरह मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी बड़ी टेक कंपनियां लगातार एंटीट्रस्ट जांच, एआई नियमन और संघीय नीतिगत फैसलों से प्रभावित होती रहती हैं। सरल शब्दों में कहें तो ट्रंप ने जनवरी से मार्च 2026 के बीच औसतन प्रतिदिन 40 से अधिक ट्रेड किए। यह पिछले तिमाही की तुलना में भारी बढ़ोतरी थी, जब 2025 के आखिरी तीन महीनों में लगभग 380 ट्रेड दर्ज किए गए थे।
वॉल स्ट्रीट भी हैरान
कई बाजार विशेषज्ञों के लिए केवल ट्रेडों की संख्या ही चौंकाने वाली थी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेडों की बेहद पागलपन भरी संख्या है। ऐसा लगता है मानो कोई हेज फंड बड़े एल्गोरिदमिक ट्रेड कर रहा हो। कई अन्य वॉल स्ट्रीट पेशेवरों ने भी इसे किसी मौजूदा राष्ट्रपति के लिए बेहद असामान्य बताया। उन्होंने कहा कि वॉल स्ट्रीट में अपने 40 से अधिक वर्षों के अनुभव में इस स्तर की ट्रेडिंग बहुत कम देख गई है। सबसे बड़े सौदों में से एक 10 फरवरी को हुआ जब ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अमेजन में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 50 लाख से 2.5 करोड़ डॉलर तक की राशि हासिल की। आलोचकों का कहना है कि भले ही कोई कानून न टूटा हो, लेकिन किसी मौजूदा राष्ट्रपति द्वारा इतनी आक्रामक ट्रेडिंग गंभीर हितों के टकराव की आशंका पैदा करती है।
ईरान संबंधी टिप्पणियां और संदिग्ध बाजार दांव
ये खुलासे ऐसे समय आए हैं जब कुछ महीने पहले तेल और शेयर वायदा बाजार में असामान्य गतिविधियों ने अटकलों को जन्म दिया था। इस साल की शुरुआत में ट्रंप द्वारा ईरान से जुड़ी वार्ताओं में प्रगति का संकेत देने से ठीक पहले कुछ ट्रेडर्स ने तेल कीमतों में गिरावट और अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी पर बड़े दांव लगाए थे। ट्रंप की टिप्पणियों के बाद तेल कीमतें गिर गईं और शेयर बाजार तेजी से ऊपर चढ़ गया, जिससे सोशल मीडिया पर अंदरूनी जानकारी के इस्तेमाल को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, अब तक ऐसा कोई सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है जो सीधे ट्रंप को उन ट्रेडों से जोड़ता हो।
कुशनर के खाड़ी देशों से संबंध भी जांच के घेरे में
इस विवाद ने ट्रंप के दामाद और मौजूदा मध्य-पूर्व दूत जारेड कुशनर पर भी ध्यान खींचा है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, कुशनर खाड़ी देशों से जुड़े निवेश हित बनाए हुए हैं, जबकि वह ट्रंप प्रशासन के लिए कूटनीतिक भूमिका भी निभा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि कूटनीतिक प्रभाव और निजी निवेश संबंधों का यह मेल हितों के टकराव की एक और संभावित स्थिति पैदा करता है। हालांकि, कुशनर के खिलाफ किसी गलत काम का कोई सबूत नहीं है।
व्हाइट हाउस ने आरोपों से इनकार किया
व्हाइट हाउस ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि ट्रंप सिर्फ अमेरिकी जनता के सर्वोत्तम हित में काम करते हैं और किसी भी प्रकार का हितों का टकराव नहीं है।




