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शोभराज के प्रशंसक ठग बिंगसन ने 300 होटलों में सिर्फ चेक इन किया, चेक आउट कभी नहीं

उसका मंत्र था : जेल होम स्टे व होटल पर्यटन स्थल

करीब तीन दशकों तक बिंगसन जॉन कथित तौर पर पूरे भारत में एक सम्मानित मेहमान का रूप धारण कर घूमता रहा। वह आलीशान होटलों में ठहरता, बिना बिल चुकाए गायब हो जाता और हर बार पुलिस से एक कदम आगे रहने में सफल रहता था। जब आखिरकार 69 वर्षीय बिंगसन जॉन गिरफ्तार हुआ तो उसने पुलिस को बताया कि उसकी इस सुनियोजित ठगी की प्रेरणा कोई और नहीं, बल्कि कुख्यात सीरियल किलर और ठग चार्ल्स शोभराज था। पूछताछ के दौरान तमिलनाडु निवासी बिंगसन जॉन ने स्वीकार किया कि उसने अपनी जीवनशैली चार्ल्स शोभराज से प्रेरित होकर बनाई थी। इसमें फर्जी पहचान के सहारे देशभर के पांच सितारा होटलों में ठहरना, शाही मेहमाननवाजी का आनंद लेना और बिल चुकाए बिना फरार हो जाना शामिल था।

जॉन ने 27 जून को रायपुर के एक पांच सितारा होटल से 63,755 रुपये का बिल चुकाए बिना चेक-आउट किया था। पुलिस का आरोप है कि वह होटल से 1.48 लाख रुपये कीमत का किराये पर लिया गया लैपटॉप भी साथ ले गया था। उसको भुवनेश्वर से इस घटना के 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक जॉन के कबूलनामे से तीन दशक से अधिक समय तक फैले धोखाधड़ी के एक लंबे सिलसिले का खुलासा हुआ। उसने कथित तौर पर दावा किया कि 1990 से अब तक 10 से अधिक राज्यों के लगभग 300 होटलों को अपना निशाना बनाया। इस दौरान वह कभी विदेशी टूर गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योग प्रशिक्षक बनकर होटल कर्मचारियों का विश्वास जीतता था।

चार्ल्स शोभराज का था प्रशंसक

बिकिनी किलर के नाम से चर्चित दुनिया के सबसे कुख्यात सीरियल किलर और ठग चार्ल्स शोभराज का वह प्रशंसक था। पुलिस के अनुसार जॉन की अपराध की दुनिया में एंट्री 1990 के दशक की शुरुआत में उसकी मंगेतर की मौत के बाद हुई। इस घटना के बाद उसने शादी का इरादा छोड़ दिया और कथित तौर पर ठगी का रास्ता अपना लिया। उसे पहली बार 1996 में गिरफ्तार किया गया और दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजा गया। इसके बाद जांचकर्ताओं के मुताबिक उसने देश की विभिन्न जेलों में करीब 15 साल बिताए, लेकिन हर बार रिहा होने के बाद फिर कथित होटल ठगी के धंधे में लौट आता था। पुलिस का कहना है कि जॉन ने पूछताछ में जेल को अपना होम स्टे और पांच सितारा होटलों को अपना पर्यटन स्थल बताया। उसने यह भी कहा कि उसे खाना या तो पांच सितारा होटलों में पसंद है या फिर जेल में।

कैसे पकड़ा गया?

जॉन रायपुर के होटल में दो दिन तक रुका। इसके बाद उसने होटल कर्मचारियों से यह कहकर एक लैपटॉप मंगवाया कि उसे ऑफिस के जरूरी काम के लिए इसकी तत्काल आवश्यकता है। लैपटॉप मिलने के कुछ ही समय बाद वह बिना चेक-आउट की औपचारिकताएं पूरी किए होटल से निकल गया। होटल की शिकायत के बाद एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस ने चेक-इन के दौरान इस्तेमाल किए गए पहचान पत्रों और मोबाइल नंबरों की जांच की। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस भुवनेश्वर पहुंची, जहां से जॉन को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से लैपटॉप भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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