
जैसे-जैसे चिकित्सा खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, महानगरों में अस्पताल में भर्ती होने का एक ही मामला लाखों रुपये का खर्च करा सकता है। ऐसे में पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) होना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
पॉलिसीबाजार के 2013 से 2025 तक के मेडिकल कॉस्ट ट्रेंड्स पर आधारित एक हालिया अध्ययन ने चिंताजनक तस्वीर पेश की है। अध्ययन के अनुसार, प्रमुख सर्जरी की लागत में पिछले कुछ वर्षों में 250 से 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आपका स्वास्थ्य बीमा आज की जरूरतों के लिए पर्याप्त है?
प्रमुख सर्जरी की लागत (लाख रुपये में)
| सर्जरी | 2022 | 2023 | 2024 |
|---|---|---|---|
| कैंसर उपचार | 39.4 | 44.6 | 50.8 |
| हार्ट ट्रांसप्लांट | 26.4 | 29.9 | 34.0 |
| लीवर सिरोसिस उपचार | 18.9 | 21.3 | 24.3 |
| किडनी ट्रांसप्लांट | 14.1 | 15.9 | 18.2 |
स्रोत: पॉलिसीबाजार
इलाज का खर्च अस्पताल में चुने गए कमरे की श्रेणी पर भी निर्भर करता है। ट्विन-शेयरिंग रूम का खर्च सामान्य वार्ड से अधिक होता है और इसके साथ डॉक्टर विजिट तथा नर्सिंग शुल्क भी बढ़ सकते हैं।
भारत में आदर्श स्वास्थ्य बीमा कवर कितना होना चाहिए?
हर व्यक्ति या परिवार के लिए एक समान बीमा राशि तय नहीं की जा सकती। यह आपकी उम्र, शहर, जीवनशैली, पारिवारिक स्वास्थ्य इतिहास और चिकित्सा जरूरतों पर निर्भर करता है।
ऑनश्योरिटी (Onsurity) के सह-संस्थापक और सीओओ कुलिन शाह के अनुसार:
“स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत और मेडिकल महंगाई को देखते हुए किसी व्यक्ति के पास कम से कम 10 से 15 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा होना चाहिए, जबकि परिवारों को 15 से 25 लाख रुपये के कवर पर विचार करना चाहिए।”
हालांकि केवल यही पर्याप्त नहीं है। आपको अपने शहर, उम्र और नियोक्ता द्वारा दिए गए स्वास्थ्य बीमा को भी ध्यान में रखना चाहिए।
प्रोबस (Probus) में हेल्थ एंड लाइफ इंश्योरेंस प्रमुख सरिता जोशी कहती हैं:
“मेडिकल महंगाई सामान्य महंगाई से लगातार अधिक रहती है। इसलिए जो बीमा कवर आज पर्याप्त लगता है, वह पांच साल बाद कम पड़ सकता है।”
यदि परिवार में मधुमेह जैसी आनुवंशिक बीमारियों का इतिहास है, तो अधिक बीमा कवर लेना समझदारी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक बड़े कवर वाली एकल पॉलिसी लेने के बजाय बेस पॉलिसी के साथ सुपर टॉप-अप प्लान जोड़ना बेहतर रणनीति हो सकती है।
आय और शहर के अनुसार कितना बीमा होना चाहिए?
आप जिस शहर में रहते हैं, उसका स्वास्थ्य बीमा की जरूरत पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। टियर-1 शहरों (महानगरों) में इलाज का खर्च टियर-2 और टियर-3 शहरों की तुलना में काफी अधिक होता है।
सुझाया गया स्वास्थ्य बीमा कवर (लाख रुपये में)
| वार्षिक आय | टियर-1 शहर | टियर-2 शहर | टियर-3 शहर |
|---|---|---|---|
| ₹10 लाख | ₹10L + ₹10L = ₹20 लाख | ₹10L + ₹5L = ₹15 लाख | ₹5L + ₹5L = ₹10 लाख |
| ₹20 लाख | ₹10L + ₹20L = ₹30 लाख | ₹10L + ₹10L = ₹20 लाख | ₹10L + ₹5L = ₹15 लाख |
| ₹30 लाख | ₹15L + ₹25L = ₹40 लाख | ₹10L + ₹20L = ₹30 लाख | ₹10L + ₹10L = ₹20 लाख |
| ₹50 लाख | ₹20L + ₹30L = ₹50 लाख | ₹15L + ₹25L = ₹40 लाख | ₹10L + ₹20L = ₹30 लाख |
स्रोत: प्रोबस
यह तालिका दिखाती है कि आय और शहर के आधार पर स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ना चाहिए। बेस पॉलिसी और सुपर टॉप-अप का संयोजन अपेक्षाकृत कम प्रीमियम में बेहतर सुरक्षा दे सकता है।
परिवार के लिए कितना स्वास्थ्य बीमा पर्याप्त है?
यदि परिवार में छोटे बच्चे हैं और कोई सदस्य 60 वर्ष से अधिक आयु का नहीं है, तो फैमिली फ्लोटर प्लान उपयुक्त विकल्प माना जाता है।
IFFCO Tokio General Insurance के हेल्थ अंडरराइटिंग प्रमुख गुरमीत सिंह के अनुसार:
“महानगर में रहने वाले चार सदस्यों के परिवार को 15 से 25 लाख रुपये के फ्लोटर कवर पर विचार करना चाहिए। गैर-महानगरीय क्षेत्रों में 10 से 20 लाख रुपये का कवर पर्याप्त हो सकता है।”
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कितना बीमा जरूरी है?
विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को फैमिली फ्लोटर में शामिल करने के बजाय उनके लिए अलग स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेनी चाहिए। इससे किसी एक बड़े दावे के कारण पूरे परिवार का बीमा कवर समाप्त होने का जोखिम कम हो जाता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए केवल बीमा राशि ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि निम्न बातों पर भी ध्यान देना चाहिए:
- पहले से मौजूद बीमारियों पर प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period)
- को-पेमेंट (Co-payment) की शर्तें
- कमरे के किराए की सीमा (Room Rent Limit)
सरिता जोशी के अनुसार:
“10 से 15 लाख रुपये का कवर न्यूनतम शुरुआती स्तर माना जा सकता है, लेकिन महानगरों में रहने वाले या पुरानी बीमारियों से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को 20 लाख रुपये या उससे अधिक के कवर का लक्ष्य रखना चाहिए।”
वरिष्ठ नागरिक भी बेस हेल्थ पॉलिसी के साथ सुपर टॉप-अप प्लान जोड़कर कम लागत में अधिक सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
गुरमीत सिंह कहते हैं:
“यदि नियोक्ता स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराता है तो उसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।”
हालांकि नौकरी बदलने या नौकरी छूटने की स्थिति में कवरेज में कोई बाधा न आए, इसके लिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी रखना भी उतना ही आवश्यक है।
निष्कर्ष
बढ़ती मेडिकल महंगाई के दौर में स्वास्थ्य बीमा केवल एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा कवच बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार आज के समय में अधिकांश व्यक्तियों को कम से कम 10–15 लाख रुपये और परिवारों को 15–25 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर रखने पर विचार करना चाहिए। महानगरों में रहने वाले लोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए इससे भी अधिक कवर की आवश्यकता पड़ सकती है। बेस पॉलिसी के साथ सुपर टॉप-अप प्लान जोड़कर कम प्रीमियम में बेहतर सुरक्षा हासिल की जा सकती है।




