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दिमाग पर नियंत्रण खो रहे ट्रंप

अनियमित व्यवहार और बेहूदा टिप्पणियों से अमेरिकी राष्ट्रपति की मानसिक हालत पर बहस तेज

क्या ट्रंप चालाकी से ऐसा करते हैं या सच में असामान्य हैं?

वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लगातार अनियमित व्यवहार और बेहूदा टिप्पणियों ने उस बहस को और तेज कर दिया है, जो पिछले एक दशक से अमेरिकी राजनीति में उनके साथ जुड़ी रही हैं। यह सवाल फिर उठने लगा है क्या वे चालाकी से ऐसा करते हैं या सच में असामान्य हैं? पिछले हफ्ते ईरान को नक्शे से मिटा देने और आज रात पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी जैसी धमकी और रविवार रात पोप पर अपराध के मामले में कमजोर और विदेश नीति में खराब कहकर हमला करने  जैसे बयानों ने कई लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया है कि वे सत्ता के नशे में एक अस्थिर तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने इन आकलनों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप पूरी तरह सजग हैं और अपने विरोधियों को असहज बनाए रख रहे हैं। लेकिन उनके इस तरह के विस्फोटक बयानों ने युद्ध के समय अमेरिका के नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी राष्ट्रपतियों की क्षमता पर सवाल उठे हैं। हाल में जो बाइडन के मामले में भी ऐसा हुआ, लेकिन आधुनिक समय में ट्रंप के अलावा किसी भी अन्य राष्ट्रपति की मानसिक स्थिरता पर इतनी खुलकर और गहराई से बहस नहीं हुई।

दक्षिणपंथी नेता भी उठा रहे सवाल

डेमोक्रेटिक नेताओं ने लंबे समय से ट्रंप की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं और अब उन्होंने संविधान के 25वें संशोधन के तहत उन्हें पद से हटाने की मांग दोहराई है। लेकिन यह चिंता केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है। सेवानिवृत्त जनरल, राजनयिक और विदेशी अधिकारी भी अब इस पर चिंता जता रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि यह आवाज अब राजनीतिक दक्षिणपंथ में भी सुनाई देने लगी है। पूर्व सांसद मारजोरी टेलर ग्रीन ने कहा कि ईरान को नष्ट करने की धमकी सख्त बयानबाजी नहीं, बल्कि पागलपन है। दक्षिणपंथी कमेंटेटर कैनडैक ओवंस ने उन्हें जनसंहार करने वाला पागल कहा, जबकि एलेक्स जोंस ने कहा कि ट्रंप बड़बड़ाते हैं और ऐसा लगता है कि दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा।

खुद को स्थिर जीनियर बताते हैं डोनाल्ड

कुछ आलोचनाएं उन लोगों से भी आई हैं जो पहले उनके साथ काम कर चुके हैं। उनके पूर्व वकील कॉब ने उन्हें स्पष्ट रूप से पागल कहा और पूर्व प्रेस सचिव स्टीफन ग्रिशम ने लिखा कि वे ठीक नहीं हैं। ट्रंप ने इन आलोचनाओं पर गुस्से में प्रतिक्रिया दी और अपने विरोधियों को कम आईक्यू वाले और मुसीबत पैदा करने वाले कहा। हालांकि रिपब्लिकन पार्टी के सांसद और कैबिनेट अभी भी सार्वजनिक रूप से उनके साथ खड़े हैं, इसलिए 25वें संशोधन का इस्तेमाल फिलहाल असंभव लगता है। फिर भी सर्वेक्षणों में बढ़ती संख्या में अमेरिकी उनकी क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं, खासकर जब वे 80 वर्ष की उम्र के करीब पहुंच रहे हैं। एक सर्वे के अनुसार, 61% अमेरिकियों का मानना है कि उम्र के साथ ट्रंप अधिक अनियमित हो गए हैं और केवल 45% लोग मानते हैं कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्षम हैं। डेमोक्रेट नेताओं ने हाल में उन्हें बेहद बीमार, नियंत्रण से बाहर और पूरी तरह पागल तक कहा है। वहीं, उनके समर्थकों का कहना है कि यह सब एक रणनीति है। ट्रंप खुद को पहले बहुत स्थिर जीनियस बता चुके हैं और उन्होंने आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि अगर ऐसा है, तो देश को उनके जैसे और लोगों की जरूरत है।

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